राज्‍य सभा  
संसदीय समाचार भाग - 2
              
सं.  55973 बृहस्‍पति‍वार, 10 नवम्‍बर 2016                                              विधायी अनुभाग
सरकारी विधान और अन्य कार्य, जिसे राज्य सभा के दो सौ इकतालीसवें सत्र के दौरान लिए जाने की संभावना है, से संबंधित विवरण

सरकारी विधान और अन्य कार्य,  जिसे राज्य सभा के दो सौ इकतालीसवें सत्र के दौरान लिए जाने की संभावना है, से संबंधित विवरण

                सरकारी विधान और अन्य कार्य, जिसे राज्य सभा के दो सौ इकतालीसवें सत्र के दौरान लिए जाने की संभावना है, को दर्शाने वाला विवरण (इसे सम्पूर्ण न समझा जाए) संलग्न है:-

I - विधान कार्य

(क)  लोक सभा द्वारा यथा पारित विधेयक राज्य सभा की प्रवर समिति को सौंपा गया और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया-(1)

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

शत्रु संपत्ति (संशोधन और विधिमान्यकरण) विधेयक, 2016

(अध्यादेश के प्रतिस्थापनार्थ)

 

लोक सभा द्वारा यथा पारित विधेयक 15 मार्च, 2016 को राज्य सभा की प्रवर समिति को सौंपा गया। प्रवर समिति का प्रतिवेदन 6 मई, 2016 को राज्य सभा में प्रस्तुत किया गया।

यह सुनिश्चित करना कि शत्रु संपत्ति, भारत में शत्रु संपत्ति के अभिरक्षक में निहित रहेगी ।

विचार तथा पारण के लिए


() लोक सभा द्वारा यथा पारित और राज्य सभा में लंबित विधेयक-(3)

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

सूचना प्रदाता संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2015

लोक सभा द्वारा यथा पारित विधेयक पर विचार किये जाने का प्रस्ताव 07.12.2015 को उपस्थित किया गया लेकिन चर्चा समाप्त नहीं हुई।

सूचना प्रदाता संरक्षण अधिनियम, 2011 का संशोधन करना।

आगे विचार तथा पारण के लिए

2.

कर्मचारी प्रतिकर  (संशोधन) विधेयक, 2016

लोक सभा द्वारा यथा पारित विधेयक 9.8.2016  को राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

कर्मचारी प्रतिकर  अधिनियम, 1923 का संशोधन करना।

विचार तथा पारण  के लिए

3.

कारखाना (संशोधन) विधेयक, 2016

लोक सभा द्वारा यथा पारित विधेयक 11.8.2016  को राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

समयोपरि घंटों में वृद्धि करना और केन्द्रीय सरकार व राज्य सरकारों, दोनों को नियम/आदेश बनाने की शक्तियां प्रदान करना।

विचार तथा पारण के लिए।

 

() राज्य सभा में पुर:स्थापित विधेयक - प्रवर समिति को सौंपा गया और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया-(1)

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) विधेयक, 2013

19.8.2013 को पुर:स्थापित।

राज्य सभा की प्रवर समिति का प्रतिवेदन 12.8.2016 को प्रस्तुत किया गया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988  का संशोधन करना।

विचार तथा पारण के लिए

 

() राज्य सभा में पुर:स्थापित विधेयक - स्थायी समितियों को सौंपे गये और प्रतिवेदन प्रस्तुत किये गये-(2)

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

प्रबंधन में कर्मकारों की भागीदारी विधेयक, 1990

30.5.1990 को पुर:स्थापित।

विभाग संबंधित श्रम और कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति का प्रतिवेदन 18.12.2001 को राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

शॉप फ्लोर स्तर, स्थापन स्तर और प्रबंधन बोर्ड के स्तर पर कर्मकारों की भागीदारी का उपबंध करना।

वापस लिए जाने के लिए

2.

मानव रोगक्षम अल्पता विषाणु और अर्जित रोगक्षम अल्पता संलक्षण (निवारण और नियंत्रण) विधेयक, 2014

11 फरवरी, 2014 को पुर:स्थापित।

विभाग संबंधित स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति का प्रतिवेदन 29 अप्रैल, 2015 को प्रस्तुत किया गया।

मानव रोगक्षम अल्पता विषाणु और अर्जित रोगक्षम अल्पता संलक्षण के फैलाव के निवारण और नियंत्रण के लिए और उक्त विषाणु और संलक्षण से प्रभावित व्यक्तियों के मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए तथा उससे संबंधित या उसके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करना।

विचार तथा पारण के लिए।

(ड.) लोक सभा में उद्भूत विधेयक- दोनों सभाओं की संयुक्त समिति को सौंपा गया-(1)

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2016

 

 

 

 

19.7.2016 को पुर:स्थापित।

विधेयक को शीतकालीन सत्र के प्रथम सप्ताह के अंतिम दिवस तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निदेश के साथ दोनों सभाओं की संयुक्त समिति को सौंपे जाने का प्रस्ताव लोक सभा द्वारा 11.8.2016 को स्वीकृत किया गया और राज्य सभा द्वारा 12.8.2016 को  इस पर सहमति दी गई।

अवैध प्रवासी की परिभाषा में संशोधन करना, देशीयकरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए निवास अवधि के वर्षों की संख्या कम करना और किसी उल्लंघन की दशा में प्रवासी भारतीय नागरिक के रूप में रजिस्ट्रीकरण को निरस्त करने की शक्तियां केंद्रीय सरकार को प्रदान करना ।

विधेयक संबंधी सुयक्त समिति का प्रतिवेदन दोनों सभाओं में  प्रस्तुत किए जाने/उनके द्वारा किए पटल पर रखे जाने और लोक सभा विधेयक को पारित किए जाने तथा इसे राज्य सभा के पटल पर रखे जाने पर इसे विचार तथा पारण के लिए लिया जा सकता है।

(.)  लोक सभा में उद्भूत विधेयक- स्थायी समिति को सौंपा गया और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया-(1)

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2015

10.8.2015 को पुर:स्थापित।

खाद्य, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 26.4.2016 को प्रस्तुत किया गया/सभा पटल पर रखा गया।

उपभोक्ताओं के बेहतर संरक्षण के लिए ।

विधेयक के लोक सभा द्वारा पारित किए जाने और राज्य सभा के पटल पर रखे जाने के पश्चात् विचार तथा पारण के लिए।

 () नए विधेयक - (9)

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

केन्द्रीय माल और सेवा कर विधेयक, 2016

अनुच्छेद 246क के अनुसार वस्तुओं अथवा सेवाओं की  अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर कर लगाने को सुकर बनाना।

पुर:स्थापन, विचार तथा पारण के लिए।

2.

एकीकृत माल और सेवा कर विधेयक, 2016

अनुच्छेद 269क के साथ पठित अनुच्छेद 246क के अनुसार वस्तुओं अथवा सेवाओं की  अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर कर लगाने को सुकर बनाना।

पुर:स्थापन, विचार तथा पारण के लिए।

3.

माल और सेवा कर (राजस्व हानि हेतु प्रतिकर) विधेयक, 2016

संविधान (एक सौ बाईसवां संशोधन) विधेयक, 2016 की धारा 18 के अनुसार पाँच वर्ष की अवधि के लिए माल और सेवा कर के कार्यान्वयन के कारण राज्यों को होने वाली राजस्व हानि के प्रतिकर के भुगतान को सुकर बनाना।  

पुर:स्थापन, विचार तथा पारण के लिए।

4.

भारतीय प्रबंध संस्थान विधेयक, 2016

एक केन्द्रीय विधान द्वारा भारतीय प्रबंध संस्थानों (आईआईएम) को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित करना ताकि उन्हें आईआईएम से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करने के लिए सांविधिक दर्जा और सक्षमता प्रदान की जा सके।

पुर:स्थापन, विचार तथा पारण के लिए।

5.

सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2016

सरोगेसी की परिपाटी और प्रक्रिया के विनियमन हेतु राष्ट्रीय सरोगेसी बोर्ड, राज्य सरोगेसी बोर्ड का गठन और समुचित प्राधिकारियों की नियुक्ति तथा तत्संसक्त और उसके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करना।

पुर:स्थापन, विचार तथा पारण के लिए।

6.

विवाह विच्छेद (संशोधन) विधेयक, 2016

 i.      न्यायालयों को ऐसी दशा में विवाह विच्छेद की डिक्री देने में सक्षम बनाने के लिए जब विवाह का कोई एक पक्ष भारत में अधिवासित हो गया हो;

ii.      ईसाई पत्नी को उस जिला न्यायालय में याचिका प्रस्तुत करने में सक्षम बनाने के लिए, जिसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमा में वह याचिका प्रस्तुत करने की तारीख में रह रही हों;

iii.      अनिवार्य रूप से पृथक रहने की न्यूनतम अवधि को "दो वर्ष" से कम कर "एक वर्ष" करने के लिए

विवाह विच्छेद अधिनियम, 1869 का संशोधन करना।

पुर:स्थापन, विचार तथा पारण के लिए।

7.

आंकड़ा संग्रहण (संशोधन) विधेयक, 2016

संघ सूची और समवर्ती सूची में आने वाले जम्मू और कश्मीर राज्य के लिए लागू सांख्यिकीय मामलों के संबंध में अधिनियम की अधिकारिता का विस्तार जम्मू और कश्मीर के लिए करना।

पुर:स्थापन, विचार तथा पारण के लिए।

8.

संविधान अनुसूचित जनजातियां (आदेश) संशोधन विधेयक, 2016

असम, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, तमिलनाडु और त्रिपुरा राज्यों की अनुसूचित जनजातियों की सूची में संशोधन करना।

पुर:स्थापन, विचार तथा पारण के लिए।

9.

नावधिकरण (सामुद्रिक दावों की अधिकारिता और निपटान) विधेयक, 2016

सिविल मामलों में नावधिकरण विषयक अधिकारिता संबंधी पांच अप्रचलित विधियों के निरसन सहित न्यायालयों की नावधिकरण विषयक अधिकारिता, सामुद्रीक दावों के संबंध में नावधिकरण कार्यवाही, जलयान-बंदी और संबंधित मुद्दों से संबंधित वर्तमान विधियों को समेकित करना।

पुर:स्थापन, विचार तथा पारण के लिए।

II - वित्तीय कार्य

      निम्नलिखित से संबंधित विनियोग विधेयकों पर विचार तथा उन्हें लौटाया जाना।

1.       2016-17 की द्वितीय अनूपूरक अनुदान मांगें (सामान्य)

2.      2013-14 की अतिरिक्त अनुपूरक अनुदान मांगें (सामान्य)

3.      2016-17 की अनुपूरक अनुदान मांगें (रेल)

4.      2013-14 की अतिरिक्त अनुदान मांगें (रेल)

शमशेर के. शरीफ
महासचिव