राज्‍य सभा  
संसदीय समाचार भाग - 2
              
सं.  55650 बृहस्‍पति‍वार, 14 जुलाई 2016                                              विधायी अनुभाग
सरकारी विधान और अन्य कार्य, जिसे राज्य सभा के दो सौ चालीसवें सत्र के दौरान लिए जाने की संभावना है, से संबंधित विवरण

सरकारी विधान और अन्य कार्य, जिसे राज्य सभा के दो सौ चालीसवें सत्र के दौरान लिए जाने की संभावना है, को दर्शाने वाला विवरण (इसे सम्पूर्ण न समझा जाए) संलग्न है:-

I - विधान कार्य

(क)  लोक सभा द्वारा यथा पारित और राज्य सभा की प्रवर समिति द्वारा यथा प्रतिवेदित (2)

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किये जाने वाले प्रस्ताव

 

1.

संविधान (एक सौ बाईसवां) संशोधन विधेयक, 2014, लोक सभा द्वारा पारित रूप में  

 

11.08.2015 को लोक सभा द्वारा यथा पारित और राज्य सभा की प्रवर समिति द्वारा यथा प्रतिवेदित विधेयक  पर विचार का प्रस्ताव उपस्थित किया गया।

देश में वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) को प्रारंभ करना सुकर बनाने के लिए संविधान में संशोधन करना।

आगे विचार तथा पारण के लिए

2.

शत्रु संपत्ति (संशोधन और विधिमान्यीकरण) विधेयक, 2016

(अध्यादेश के प्रतिस्थापनार्थ)

 

लोक सभा द्वारा यथा पारित विधेयक 15.3.2016 को राज्य सभा की प्रवर समिति को सौंपा गया। प्रवर समिति ने 6 मई, 2016 को राज्य सभा में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

यह सुनिश्चित करना कि शत्रु संपत्ति अभिरक्षक में, भारत में शत्रु संपत्ति के अभिरक्षक में निहित रहेगी ।

विचार तथा पारण के लिए।


() लोक सभा द्वारा यथापारित और राज्य सभा में लंबित विधेयक (3)

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किया जाने वाला प्रस्ताव

1.

सूचना प्रदाता संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2015

लोक सभा द्वारा यथा पारित विधेयक पर विचार किये जाने का प्रस्ताव 07.12.2015 को राज्य सभा के पटल पर रखा गया लेकिन चर्चा समाप्त नहीं हुई।

सूचना प्रदाता संरक्षण अधिनियम, 2011 का संशोधन करना।

आगे विचार तथा पारण के लिए

2.

प्रादेशिक जैव प्रौद्योगिकी केन्द्र विधेयक, 2016

विधेयक को, लोक सभा द्वारा पारित रूप में 26 अप्रैल, 2016 को राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

प्रादेशिक जैव प्रौद्योगिकी केन्द्र फरीदाबाद को राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित करने और इसे सांविधिक निकाय बनाना।

विचार तथा पारण  के लिए

3.

प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि विधेयक, 2016

लोक सभा द्वारा यथा पारित विधेयक पर विचार किये जाने का प्रस्ताव 04 मई, 2016 को राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

राष्ट्रीय स्तर और प्रत्येक राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र स्तर पर साविधिक निधि और प्रबंध प्राधिकरण की स्थापना का उपबंध करने तथा वन भूमि का गैर-वन प्रयोजन के लिए अपयोजित भूमि के बदले वसूल की गई राशि के, पारदर्शी तरीके से, शीघ्र उपयोग के लिए भारत सरकार और प्रत्येक राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र स्तर पर अपेक्षित संस्थागत तंत्र स्थापित करने हेतु आवश्यक विधिक सहायता का उपबंध करने के लिए।

विचार तथा पारण के लिए।


 

() राज्य सभा में पुर:स्थापित विधेयक - स्थायी समितियों को सौंपा गया और उसका प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया (2)

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाला प्रस्ताव

1.

बालक श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2012

4 दिसम्बर, 2012 को पुर:स्थापित।

विभाग संबंधित श्रम संबंधी संसदीय स्थायी समिति का प्रतिवेदन 13 दिसम्बर, 2013 को राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

बालक श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 का संशोधन करके बालकों के नियोजन पर पूर्ण प्रतिबंध के माध्यम से बाल श्रम का उन्मूलन करने और शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 को संरेखित करने के लिए।

विचार तथा पारण के लिए

2.

होम्योपैथी केन्द्रीय परिषद (संशोधन)  विधेयक, 2015

विधेयक 6 मई, 2015 को पुर:स्थापित किया गया।

विभाग संबंधित स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति का प्रतिवेदन 30 जुलाई, 2015  को प्रस्तुत किया गया।

होम्योपैथी केन्द्रीय परिषद् (होम्योपैथी महाविद्यालयों और संबद्ध अस्पतालों के लिए न्यूनतम मानक अपेक्षा) विनियमन, 2013 के अधीन यथा-निर्धारित न्यूनतम मानकों को विशिष्ट समय-सीमा के भीतर अनुसरण करना जिससे भारत में होम्योपैथी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

विचार तथा पारण के लिए

() लोक सभा में उद्भूत विधेयक- दोनों सभाओं की संयुक्त समिति के पास लंबित (1)

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाला प्रस्ताव

1.

प्रतिभूति हितों का प्रवर्तन और ऋणवसूली विधि तथा प्रकीर्ण उपबंध (संशोधन) विधेयक, 2016

लोक सभा में लंबित।

विधेयक 11 मई, 2016 को पुर:स्थापित किया गया।

विधेयक को दोनों सभाओं के संयुक्त समिति को सौंपे जाने का प्रस्ताव 11 मई, 2016 को लोक सभा द्वारा गृहीत किया गया और अगले सत्र के प्रथम सप्ताह के अंतिम दिवस तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश के साथ राज्य सभा द्वारा उसी दिन इस पर सहमति व्यक्त की गई। परिवर्तनशील प्रत्यय परिदृश्य को अनुकूल बनाने, कारबार करने की सहजता में संवर्धन करने, ऋणों की चुकौती पर प्रतिभूत लेनदारों को वरीयता देने, वसूली आवेदनों का शीघ्र न्यायनिर्णयन करने, और निवेश को सुकर बनाने जिससे आर्थिक वृद्धि और विकास हो और भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 और निक्षेपागार अधिनियम, 1996 में परिणामी संशोधन करने के लिए  वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम, 2002 और बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को शोध्य ऋण वसूली अधिनियम, 1993, का संशोधन करना।

लोक सभा द्वारा पारित किए जाने और राज्य सभा के पटल पर रखे जाने के पश्चात् विचार तथा पारण के लिए

 (.)  नए विधेयक (6)

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाला प्रस्ताव

1.

भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक, 2016

(अध्यादेश के प्रतिस्थापनार्थ)

 

किसी निर्दिष्ट प्राधिकरण के माध्यम से हिन्दी, अंग्रेजी और ऐसी अन्य भाषा और ऐसी अन्य पद्धति जैसी विहित की जाए, में स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों के लिए सभी चिकित्सा शिक्षण संस्थाओं के लिए एकसमान प्रवेश परीक्षा के लिए उपबंध करना

पुर: स्थापन, विचार तथा पारण के लिए

2.

दंत चिकित्सक (संशोधन) विधेयक, 2016

(अध्यादेश के प्रतिस्थापनार्थ)

 

किसी निर्दिष्ट प्राधिकरण के माध्यम से हिन्दी, अंग्रेजी और ऐसी अन्य भाषा और ऐसी अन्य पद्धति जैसी विहित की जाए, में स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों के लिए सभी दंत चिकित्सा शिक्षण संस्थाओं के लिए एकसमान प्रवेश परीक्षा के लिए उपबंध करना

पुर: स्थापन, विचार तथा पारण के लिए

3.

उच्च न्यायालय (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2016

बाम्बे और मद्रास उच्च न्यायालयों के नाम को क्रमश: मुम्बई और चेन्नई उच्च न्यायालय के रूप में परिवर्तित करने को सुकर बनाने के लिए

पुर: स्थापन, विचार तथा पारण के लिए

4.

प्रौद्योगिकी संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2016

प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 के अधीन तिरूपति (आंध्र प्रदेश), पलक्कड़ (केरल), धारवाड़ (कनार्टक), भिलाई (छत्तीसगढ़), गोवा और जम्मू (जम्मू और कश्मीर) में 6 नए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खोलने और भारतीय खनि विद्यापीठ, धनबाद को  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के रूप में परिवर्तित करने के लिए।

पुर: स्थापन, विचार तथा पारण के लिए

5.

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी, विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2016

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आंध्र प्रदेश को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी, विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान अधिनियम, 2007 की प्रथम अनुसूची में शामिल करने के लिए।

पुर: स्थापन, विचार तथा पारण के लिए

6.

सिविल और दंड प्रक्रिया संबंधी कार्यवाहियों, लापता व्यक्तियों और मानव अवशेष की पहचान में डीएनए आधारित प्रौद्योगिकी का उपयोग और विनियमन विधेयक 2016

(पूर्वत: "डीएनए पहचान विधेयक, 2015")

इस विधेयक का उद्देश्य मानवशरीर के तत्वों के प्रोफाइल का डिऑक्सीराइबोस न्यूक्लेसिक एसिड विश्लेषण के उपयोग का विनियमन करना और प्रयोगशालाओं, मानव शरीर के तत्वों के संग्रह, संग्रह से रिपोर्टिंग तक की कस्टडी ट्रेल हेतु मानक निर्धारित करने के लिए डीएनए प्रोफाइलिंग बोर्ड स्थापित करना और राष्ट्रीय डीएनए डाटा बैंक की भी स्थापना करना तथा तत्संबंधी और उसके आनुषंगिक मामलों का उपबंध करना।

पुर: स्थापन, विचार तथा पारण के लिए

 

II - वित्तीय कार्य

          वर्ष 2016-17 की अनुपूरक अनुदान मांगे (सामान्य) से संबंधित विनियोग विधेयक पर चर्चा तथा उसे लौटाया जाना।

शमशेर के. शरीफ
महासचिव