राज्‍य सभा  
संसदीय समाचार भाग - 2
              
सं.  47874 बुधवार, 10 नवम्‍बर 2010                                              विधायी अनुभाग
सरकारी विधान और अन्य कार्य जिसे राज्य सभा के दो सौ इक्कीसवें सत्र के दौरान लिए जाने की संभावना है, से संबंधित विवरण

सरकारी विधान और अन्य कार्य जिसे राज्य सभा के दो सौ इक्कीसवें सत्र के दौरान लिए जाने की संभावना है, को दर्शाने वाला विवरण (इसे विस्तृत न समझा जाए) संलग्न है:-

I - विधान कार्य

(क)         लोक सभा द्वारा यथा पारित विधेयक -चर्चा आस्थगित

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

शिक्षा अधिकरण विधेयक, 2010, लोक सभा द्वारा पारित रूप में

3.5.2010 को लोक सभा में पुर:स्थापित।

विधेयक पर, लोक सभा द्वारा पारित रूप में, विचार किए जाने का प्रस्ताव 31.08.2010 को आस्थगित किया गया।

शिक्षकों और अन्य स्टेक होल्डरों से अंतर्वलित विवादों के प्रभावी और शीघ्र न्यायनिर्णयन और उच्चतर शिक्षा में अऋजु आचरण में लिप्तता की शास्तियों के न्यायनिर्णयन के लिए शिक्षा अधिकरण की स्थापना करने तथा इससे संबंधित या उसके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए।

विचार तथा पारण के लिए

()  लोक सभा द्वारा यथा पारित विधेयक

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

उड़ीसा (नाम में परिवर्तन) विधेयक, 2010

15.03.2010 को पुर:स्थापित।

उड़ीसा राज्य का नाम बदलकर "उडीशा" करने के लिए ।

विचार तथा पारण के लिए

2.

संविधान (एक सौ तेरहवां संशोधन) विधेयक, 2010

15.03.2010 को पुर:स्थापित।

"उड़िया" भाषा का नाम बदलकर "उडिया" करने के लिए।

विचार तथा पारण के लिए

(ग)  लोक सभा द्वारा यथा पारित विधेयक-प्रवर समिति को सौंपे गए और प्रतिवदेन प्रस्तुत किए गए।

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

उच्च न्यायालय वाणिज्यिक प्रभाग विधेयक, 2009, लोक सभा द्वारा पारित रूप में।

16.12.2009 को लोक सभा में पुर:स्थापित।

विधेयक को, 18.12.2009 को लोक सभा में पारित रूप में, 18.12.2010 को राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

विधेयक, लोक सभा द्वारा पारित रूप में, 22.12.2009 को राज्य सभा की प्रवर समिति को सौंपा गया और समिति ने 29.07.2010 को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

वाणिज्यिक विवादों के न्यायनिर्णयन के लिए उच्च न्यायालयों में वाणिज्यिक प्रभाग स्थापित करने और उनसे संबंधित या उनके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए।

विचार तथा पारण के लिए

()  लोक सभा द्वारा यथा पारित विधेयक- राज्य सभा की प्रवर समिति के पास लंबित

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

यातना निवारण विधेयक, 2010,  लोक सभा द्वारा पारित रूप में।

26.04.2010 को लोक सभा में पुर:स्थापित।

विधेयक को लोक सभा में पारित रूप में, 31.08.2010 को राज्य सभा की प्रवर समिति को सौंपा गया।

यातना देने की घटनाओं में शामिल व्यक्तियों के लिए दंड को बढ़ाना तथा यातना के अपराध का संज्ञान लेने के लिए समय सीमा विनिर्दिष्ट करना।

 

विधेयक के संबंध में समिति का प्रतिवेदन राज्य सभा में प्रस्तुत किए जाने की स्थिति में इसे विचार तथा पारण के लिए लिया जा सकेगा।

2.

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2010, लोक सभा द्वारा पारित रूप में।

24.04.2010 को लोक सभा में पुर:स्थापित।

विधेयक को लोक सभा में पारित रूप में, 31.08.2010 को राज्य सभा की प्रवर समिति को सौंपा गया।

वक्फ अधिनियम, 1995 के कतिपय उपबंधों का, केन्द्रीय वक्फ परिषद को सुदृढ़ करने तथा वक्फ सम्पत्तियों का बेहतर प्रबंधन करने के लिए, संशोधन करने हेतु ताकि वक्फ संपत्ति का सरलता से अन्य संक्रमण न किया जा सके।

विधेयक के संबंध में समिति का प्रतिवेदन राज्य सभा में प्रस्तुत किए जाने की स्थिति में इसे विचार तथा पारण के लिए लिया जा सकेगा।

(ड.)   राज्य सभा में पुर:स्थापित विधेयक- स्थायी समितियों को सौंपे गए और प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

बीज विधेयक, 2004

9.12.2004 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित कृषि संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 28.11.2006 को राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

बाजार में बिकने वाले बीजों की गुणवत्ता के विनियमन के लिए।

विचार तथा पारण के लिए

2.

श्रम विधि (विवरणी देने और रजिस्टर रखने से कतिपय स्थापनाओं को छूट) संशोधन और प्रकीर्ण उपबंध विधेयक, 2005

22.8.2005 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित श्रम संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 20.12.2005 को राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

विभिन्न श्रम विधियों के अधीन विहित रजिस्टरों और विवरणियों के प्रपत्रों को सरल बनाए जाने के लिए तथा कम्प्यूटर, फ्लॉपी, डिस्केट या अन्य इलेक्ट्रानिक मीडिया में रजिस्टरों/रिकार्डों के रखरखाव का तथा सॉफ्ट डिवाइसों के माध्यम से विवरणियों को जमा करना।

वापस ‍लिए जाने के लिए

3.

प्रशासनिक अधिकरण (संशोधन) विधेयक, 2006

18.03.2006 को पुर:स्थापित।

कार्मिक, लोक शिकायत, विधि और न्याय संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 05.12.2006 को प्रस्तुत किया गया।

कतिपय प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन करने के लिए अधिशासी व्यवस्था को छोड़कर उपसभाध्यक्ष के पद को समाप्त करना।

वापस लिए जाने के लिए

4.

नाशकजीवमार प्रबंधन विधेयक, 2008

21.10.2008 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित कृषि संबंधी संसदीय स्थायी समिति का प्रतिवेदन 18.02.2009 को राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

नाशकजीवमारों के विक्रय, प्रबंध, आयात, निर्यात, वितरण और उपयोग का प्रभावी रूप से प्रबंधन और विनियमन करने के लिए।

विचार तथा पारण के लिए

5.

राष्ट्रीय विरासत स्थल आयोग विधेयक, 2009

26.02.2009 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 23.11.2009 को प्रस्तुत किया गया।

एक ऐसे संस्थागत तंत्र का उपबंध करना जो बृहदतम संभव अवधारणात्मक ढांचे में विरासत स्थलों के संरक्षण और परिरक्षण के संबंध में एक समग्र दृष्टिकोण अपनाएगा और देश में एक समान विधायी ढांचा और संव्यवहारों का उपबंध करना।

विचार तथा पारण के लिए

6.

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (संशोधन) विधेयक, 2010

16.04.2010 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित मानव संसाधन विकास संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 30.07.2010 को प्रस्तुत किया गया।

विद्यालयों, विद्यालय के अध्यापकों और विद्यालय के अध्यापकों के रूप में नियुक्ति के लिए न्यूनतम अर्हता के संबंध में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अधिनियम की अनुप्रयोज्यता से संबंधित अस्पष्टता को दूर करने के लिए।

विचार तथा पारण के लिए

7.

नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2010

16.04.2010 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित मानव संसाधन विकास संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 30.07.2010को प्रस्तुत किया गया।

निम्नलिखित का उपबंध करने  के लिए:-

(क)            "वंचित समूह के बालक" से संबंधित परिभाषा में "नि:शक्त बालक" का विशिष्ट अन्त:वेशन और नि:शक्तता की सीमा का विस्तार।

(ख)           सहायता-प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालयों के संबंध में विद्यालय प्रबंधन समितियों से संबंधित उपबंधों का संशोधन।

विचार तथा पारण के लिए

8.

लागत और संकर्म लेखापाल (संशोधन) विधेयक, 2010

28.04.2010 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित वित्त संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 31.08.2010 को राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

व्यावसायिक निकायों के लिए सीमित दायित्व भागीदारी को माध्यम के रूप में समाविष्ट करना और संस्थान तथा अधिनियम का नाम भारतीय लागत और संकर्म लेखापाल से बदलकर भारतीय लागत और प्रबंधन लेखापाल करना।

विचार तथा पारण के लिए

9.

चार्टर्ड अकाउंटेंट (संशोधन) विधेयक, 2010

28.04.2010 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित वित्त संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 31.08.2010 को राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

व्यावसायिक निकायों के लिए सीमित दायित्व भागीदारी को माध्यम के रूप में समाविष्ट करना।

विचार तथा पारण के लिए

10.

कंपनी सचिव (संशोधन) विधेयक, 2010

28.04.2010 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित वित्त संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवदेन 31.08.2010 का राज्य सभा के पटल पर रखा गया।

व्यावसायिक निकायेां के लिए सीमित दायित्व भागीदारी को माध्यम के रूप में समाविष्ट करना।

विचार तथा पारण के लिए

11.

यान-हरण निवारण (संशोधन) विधेयक, 2010

19.08.2010 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 18.10.2010 को राज्य सभा के सभापति को प्रस्तुत किया गया।

विमान हरण के अपराधों तथा साथ ही षड्यंत्रकारियों के लिए दण्ड को बढ़ाकर मृत्युदण्ड करना।

विचार तथा पारण के लिए

()  राज्य सभा में उद्भूत और स्थायी समिति के समक्ष लम्बित विधेयक

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

जवाहरलाल स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान, पुडुचेरी (संशोधन) विधेयक, 2010

05.08.2010 को पुर:स्थापित।

विधेयक विभाग-संबंधित स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति को 13.09.2010 को सौंपा गया।

जवाहरलाल स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान, पुडुचेरी अधिनियम, 2008 की धारा 28 में संशोधन करना।

यदि विधेयक के संबंध में समिति का प्रतिवेदन राज्य सभा को प्रस्तुत किया जाता है तो उसे विचार तथा पारण के लिए लिया जा सकेगा।

()  लोक सभा में पुर:स्थापित विधेयक- स्थायी समितियों को सौंपे गए और उनके प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

संविधान (एक सौ बारहवां संशोधन) विधेयक, 2009

24.11.2009 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित शहरी विकास संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 09.08.2010 को लोक सभाध्यक्ष को प्रस्तुत किया गया।

संविधान के अनुच्छेद 243 में संशोधन करके शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को मौजूदा एक तिहाई से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के लिए।

विचार तथा पारण के लिए

2.

संविधान (एक सौ दसवां संशोधन) विधेयक, 2009

26.11.2009 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित ग्रामीण विकास संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 28.07.2010 को प्रस्तुत किया गया।

पंचायती राज संस्था में महिलाओं के लिए आरक्षण का उपबंध करना।

 

विचार तथा पारण के लिए

3.

संविधान (एक सौ ग्यारहवां संशोधन) विधेयक, 2009

30.11.2009 को पुर:स्थापित।

विभाग-संबंधित कृषि संबंधी स्थायी समिति का प्रतिवेदन 30.08.2010 को प्रस्तुत किया गया।

(i)                सहकारी सोसाइटियों के कार्यकरण पर सरकारी नियंत्रण और हस्तक्षेप को कम करना ताकि उन्हें वास्तविक प्रजातांत्रिक और स्वायत्त स्वरूप मिल सकें;

(ii)   सहकारी सोसाइटियों के समय पर निर्वाचन, आम सभा और लेखा परीक्षा कराने को सुनिश्चित करना; और

(iii) इन संस्थाओं के प्रबंधन का व्यवसायीकरण करना।

विचार तथा पारण के लिए

()  लोक सभा में उद्भूत और स्थायी समितियों  के समक्ष लम्बित विधेयक

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

भारतीय स्टेट बैंक (समनुषंगी बैंक विधि) संशोधन विधेयक, 2009

18.12.2009 को पुर:स्थापित।

विधेयक विभाग-संबंधित वित्त संबंधी स्थायी समिति को 29.12.2009 को सौंपा गया।

स्टेट बैंक के स्वामित्व के परिवर्तनों के अनुसरण में, रिजर्व बैंक के स्थान पर केन्द्रीय सरकार से अनुमोदन/परामर्श प्राप्त करने की प्रक्रिया पर मुख्य रूप से विचार करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (समनुषंगी बैंक) अधिनियम, 1959 में संशोधन करना।

यदि विधेयक के संबंध में समिति का प्रतिवेदन लोक सभा के पटल पर रखा जाता है और विधेयक लोकसभा में पारित हो जाता है तो उसे विचार तथा पारण के लिए लिया जा सकेगा।

2.

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (संशोधन) विधेयक, 2010

03.08.2010 को पुर:स्थापित।

06.08.2010 को उपस्थित किए गए विधेयक पर विचार किए जाने के प्रस्ताव पर 09.08.2010 को चर्चा पूरी नहीं हुई।

विधेयक विभाग-संबंधित गृह कार्य संबंधी स्थायी समिति को 21.08.2010 को सौंपा गया।

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् अधिनियम, 1994 के कतिपय उपबंधों में संशोधन करना।

यदि विधेयक के संबंध में समिति का प्रतिवेदन लोक सभा के पटल पर रखा जाता है और विधेयक लोकसभा में पारित हो जाता है तो उसे विचार तथा पारण के लिए लिया जा सकेगा।

3.

आयुध (संशोधन) विधेयक, 2010

25.08.2010 को पुर:स्थापित।

विधेयक गृह कार्य संबंधी स्थायी समिति को 03.09.2010 को सौंपा गया।

आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 13 के परंतुक को हटाना।

 

यदि विधेयक के संबंध में समिति का प्रतिवेदन लोक सभा के पटल पर रखा जाता है और विधेयक लोकसभा में पारित हो जाता है तो उसे विचार तथा पारण के लिए लिया जा सकेगा।

() नए विधेयक

क्र.सं.

विधेयक का नाम

स्थिति/प्रयोजन

सत्र के दौरान उपस्थित किए जाने वाले प्रस्ताव

1.

बहुराज्य सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक, 2010

(i)                बहुराज्य सहकारी सोसाइटियों के कार्यकरण में सरकार की भूमिका को संगत बनाना और सदस्यों की भागीदारी बढ़ाना ताकि इन सोसाइटियों में जनता का विश्वास बढ़ाया जा सके और उनके विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके।

(ii)               आत्मनिर्भर और लोकतांत्रिक सहकारी संस्था के निर्माण को सुकर बनाना।

(iii)             नए आर्थिक वातावरण में प्रतिस्पर्धा करने के लिए सहकारी सोसाइटियों को सक्षम बनाना और प्रभावी स्वायत्ता एवं व्यावसायीकरण को बढ़ावा देकर अधिक प्रभावी ढंग से संसाधन जुटाना।

पुर:स्थापन के लिए।

2.

भारतीय जैव प्रौद्योगिकी विनियामक प्राधिकरण विधेयक, 2010

आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी से उत्पादित जीव और उत्पाद के अनुसंधान, आयात, परिवहन, उपयोग को विनियमित करने के लिए भारतीय जैव प्रौद्योगिकी विनियामक प्राधिकरण की स्थापना करना।

पुर:स्थापन के लिए।

3.

उपभोक्ता संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2010

अधिनियम की परिधि का विस्तार करना, अधिनियम के उपबंधों का प्रवर्धन करना, उपभोक्ता शिकायतों का शीघ्र निपटान सुकर बनाना और उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष और सदस्यों की अर्हता और प्रक्रिया और चयन को युक्तिसंगत बनाना।

पुर:स्थापन के लिए।

4.

भारतीय मानक ब्यूरो (संशोधन) विधेयक, 2010

सरकार को किसी ऐसी वस्तु और/अथवा प्रक्रिया जिसे वह सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक समझे अनिवार्य प्रमाणन के अधीन लाने के लिए, उद्योगों और उपभोक्ताओं को कतिपय अभिज्ञात वस्तुओं के संगत भारतीय मानक  के अनुरूप स्वप्रमाणन को सुकर बनाकर नकली और घटिया आयात से सुरक्षा करने, तथा घरेलू बाजार में जवाहरात आभूषणों की शुद्धता में सुधार करके बेइमान जौहरियों द्वारा उपभोक्ताओं के शोषण को रोकने के लिए सशक्त बनाना।

पुर:स्थापन के लिए।

5.

अग्रिम संविदा  विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2010

विनियम को बाजारों के उदारीकरण के अनुरूप और अधिक प्रभावी और उद्देश्यपरक बनाना।

पुर:स्थापन के लिए।

6.

वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2010

वन्य जीव और उनके अंशों और उत्पादों के अवैध व्यापार पर नियंत्रण के लिए और निकायों, समितियों, अधिकरणों  आदि के गठन का उपबंध करने के लिए अधिनियम में सीआईटीईएस के उपबंधों को शामिल करना।

पुर:स्थापन के लिए।

7.

स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (संशोधन) विधेयक, 2010

स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (1985 का 61) के कतिपय उपबंधों में संशोधन

पुर:स्थापन के लिए।

8.

बैंककारी विधि (संशोधन) विधेयक, 2010

बैंकों की पूंजी जुटाने की क्षमता में सुधार करने और भारतीय रिजर्व बैंक के पर्यवेक्षी और विनियामक अधिकारों को सुदृढ़ बनाना।

पुर:स्थापन के लिए।

9.

वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण और प्रतिभूति हित का प्रर्वतन (संशोधन) विधेयक , 2010

भारत में प्रतिभूतिकरण और आस्ति पुनर्निर्माण बाजार को  सुदृढ़ करना।

पुर:स्थापन के लिए।

10.

बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को शोध्य ऋणों की वसूली (संशोधन)विधेयक , 2010

प्रतिभूत ऋणदाताओं को उपलब्ध वसूली तंत्र में सुधार करना।

पुर:स्थापन के लिए।

11.

चिट फंड (संशोधन) विधेयक , 2010

चिट फंड कंपनियों को प्रचालनात्मक लचीलापन प्रदान करना जिससे वे अपने सदस्यों को अधिक कुशलता से सेवा दे सकें।

पुर:स्थापन के लिए।

12.

प्राप्यों के कारक और समनुदेशन विधेयक , 2010

भारत में कारक सेवाओं की व्यवस्था के लिए पृथक विधिक रूपरेखा तैयार करना ताकि कारक कंपनियां एमएसएमई क्षेत्र और निर्यात क्षेत्र सहित उद्योग को वर्धित ऋण उपलब्ध करा सके तथा प्राप्य प्रबंधन भी कर सके।

पुर:स्थापन के लिए।

13.

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिकाविज्ञान संस्थान, बंगलौर विधेयक , 2010

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिकाविज्ञान संस्थान, बंगलौर के रूप में ज्ञात संस्थान को राष्ट्रीय महत्व की संस्था घोषित करना और इसके निगमन और उससे संबंधित विषयों के लिए उपबंध करना।

पुर:स्थापन के लिए।

14.

राष्ट्रीय शैक्षणिक निक्षेपागार (संशोधन) विधेयक , 2010

शैक्षणिक पुरस्कारों और प्रमाणपत्रों के विपदार्थीकरण और इलेक्ट्रॉनिक रूप में एक केन्द्रीय डाटाबेस में उनके रख-रखाव के लिए राष्ट्रीय शैक्षणिक निक्षेपागार की स्थापना का उपबंध करने के लिए।

 

पुर:स्थापन के लिए।

15.

राष्ट्रीय उच्च शिक्षा और अनुसंधान परिषद् विधेयक , 2010

उच्च शिक्षा में मानकों के नियतन, रख-रखाव और समन्वयन के लिए राष्ट्रीय उच्च शिक्षा और अनुसंधान आयोग नामक एक पर्यवेक्षी प्राधिकरण की स्थापना का उपबंध करना।

पुर:स्थापन के लिए।

16.

नवीकरण विश्वविद्यालय विधेयक , 2010

नवीकरण और अनुसंधान को समर्पित विशेष विश्व विद्यालयों की स्थापना और निगमन के लिए उपबंध करना।

पुर:स्थापन के लिए।

17.

कारखाना (संशोधन) विधेयक , 2010

कारखाना अधिनियम, 1948 में व्यापक संशोधन को पुर:स्थापित करना।

पुर:स्थापन के लिए।

18.

शिक्षुता (संशोधन) विधेयक, 2010

भारत की शिक्षुता व्यवस्था को नया रूप देना।

पुर:स्थापन के लिए।

19.

खान और खनिज (विकास और विनियमन) विधेयक , 2010

वर्तमान खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 को निरस्त करना और राष्ट्रीय खनिज नीति में नीतिगत दिशानिर्देशों के आधार पर प्रारूपिक एक नए अधिनियम से प्रतिस्थापित करना।

 

पुर:स्थापन के लिए।

20.

भारतीय राष्ट्रीय पहचान प्राधिकरण विधेयक , 2010

भारत में रहने वाले व्यक्तियों और व्यक्तियों के कतिपय अन्य वर्गों को पहचान संख्या जारी करने के प्रयोजनार्थ और ऐसे व्यक्तियों जो इसके पात्र हों, को लाभ और सेवा प्राप्त कराने को सुकर करने के लिए ऐसे व्यक्तियों के प्रमाणन के ढंग के लिए भारतीय राष्ट्रीय पहचान प्राधिकरण की स्थापना का उपबंध करना।

पुर:स्थापन के लिए।

21.

राष्ट्रीय जलमार्ग (बराक नदी का लखीपुर-भंगा खंड) संशोधन विधेयक , 2010

असम की बराक घाटी में कार्गो के परिवहन के लिए पोत परिवहन और नौवहन और अधिकतम उपयोग के लिए जलमार्ग के संयुक्त विकास का उपबंध करने के लिए।

पुर:स्थापन के लिए।

22.

सरकारी स्थान (अप्राधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) (संशोधन) विधेयक , 2010

दिल्ली मेट्रो रेल निगम और अन्य मेट्रो रेल और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के स्थानों को सरकारी स्थानों की परिभाषा के अंतर्गत लाना और उनके स्थानों के अनाधिकृत अधिभोगियों को सरकारी स्थान (अप्राधिकृत अधिभोगियों को बेदखली) अधिनियम, 1971 के उपबंधों का सहारा लेकर बेदखल करने की अनुमति देना।

पुर:स्थापन के लिए।

23.

कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा विधेयक , 2010

कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न के विरूद्ध संरक्षण प्रदान करना और यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण और निपटान के लिए उपबंध करना।

पुर:स्थापन के लिए।

24.

कंपनी (दूसरा संशोधन) विधेयक , 2010

भारतीय लेखाकरण मानकों का आईएफआरएस के साथ समभिरूपता प्राप्त करना।

पुर:स्थापन, विचार और पारण के लिए।

25.

शत्रु  संपत्ति (संशोधन और विधिमान्यकरण) विधेयक , 2010

भारत सरकार को शत्रु संपत्ति का प्रभावकारी ढंग से प्रबंधन, संरक्षण और नियंत्रण करने में समर्थ बनाने के लिए व्यापक विधेयक लाना।

पुर:स्थान के लिए।

26.

श्रम विधि (विवरणी देने और रजिस्टर रखने से कतिपय स्थापनों को छूट) संशोधन और प्रकीर्ण उपबंध विधेयक, 2010

बड़ी संख्या में अधिकारिक संशोधनों/प्रस्ताव जिनमें नकारात्मक मतदान शामिल है, को देखते हुए एक नया सरल संशोधन विधेयक पुर:स्थापित करना।

पुर:स्थापन, विचार और पारण के लिए।

27.

न्यायिक मानक और उत्तरदायित्व विधेयक , 2010

च्चतम न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के दुर्व्यवहार अथवा अक्षमता की शिकायतों का समाधान करने के लिए और न्यायाधीशों की आस्तियों और देयताओं की घोषणा का उपबंध करने के लिए न्यायिक मानक निर्धारित करना और एक तंत्र स्थापित करना।

पुर:स्थापन, विचार और पारण के लिए।

28.

खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक , 2010

खनिज क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय खनिज विनियामक प्राधिकरण की स्थापना के लिए नए उपबंध पुर:स्थापित करने हेतु खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन करना।

पुर:स्थापन, विचार और पारण के लिए।

29.

भूमि अर्जन (संशोधन) विधेयक , 2010

भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 में संशोधन करना।

पुर:स्थापन, विचार और पारण के लिए।

30.

पुनर्वास और पुर्नस्थापन विधेयक , 2010

राष्ट्रीय पुनर्वास और पुर्नस्थापन नीति, 2007 के उपबंधों को विधायी समर्थन प्रदान करना।

पुर:स्थापन, विचार और पारण के लिए।

31.

किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख और संरक्षण) (संशोधन) विधेयक , 2010

कुष्ठ रोग, क्षय रोग, हेपेटाईटिस, एसटीडी, मानसिक रोग, नशाखोरी आदि रोगों से प्रभावित बालकों के विरूद्ध भेद-भाव पूर्ण उपबंधों को हटाना।

पुर:स्थापन, विचार और पारण के लिए।

32.

भारतीय स्टेट बैंक (अनुषंगी बैंक) संशोधन विधेयक, 2010

भारतीय स्टेट बैंक द्वारा स्टेट बैंक ऑफ इंदौर के अर्जन के परिणामस्वरूप भारतीय स्टेट बैंक (अनुषंगी बैक) अधिनियम, 1959 में स्टेट बैंक ऑफ इंदौर के संदर्भों को हटाना।

पुर:स्थापन, विचार और पारण के लिए।

II-वित्तीय कार्य

 

निम्नलिखित से संबंधित विनियोग विधेयकों पर विचार और  उन्हें लौटाया जाना:-

1.       2010-2011 के लिए द्वितीय अनुपूरक अनुदान मांगें (सामान्य);

2.      2008-2009 के लिए अतिरिक्त अनुदान मांगें (सामान्य) ।

विवेक कुमार अग्निहोत्री
महासचिव